जैसे को तैसा

वीणा के खिलाफ अपनी बेहतर स्थिति का फायदा उठाते हुए मनीष उसके साथ सम्भोग करता है और वो सबकुछ करता है जो वो करना चाहता है. दिन प्रतिदिन उसकी मांगे और क्रूर होने लगती हैं, तब वीणा ये सब ख़त्म करने का निर्णय लेती है. निकिता वीणा का परिचय विकास से कराती है जो इन सबसे निकलने में वीणा की मदद कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे विकास को भी अपने विश्वास में लेना होगा.

वीणा के खिलाफ अपनी बेहतर स्थिति का फायदा उठाते हुए मनीष उसके साथ सम्भोग करता है और वो सबकुछ करता है जो वो करना चाहता है. दिन प्रतिदिन उसकी मांगे और क्रूर होने लगती हैं, तब वीणा ये सब ख़त्म करने का निर्णय लेती है. निकिता वीणा का परिचय विकास से कराती है जो इन सबसे निकलने में वीणा की मदद कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे विकास को भी अपने विश्वास में लेना होगा.