पूरी रात काम ही काम

वीणा को अपने सहकर्मी मनीष के साथ मि. रानाडे के पर्यवेक्षण में एक नया प्रोजेक्ट सौंपा जाता है. मनीष वीणा से अपना प्रेम प्रदर्शित करने का प्रयत्न करता है लेकिन वीणा मि. रानाडे को प्रभावित करने में व्यस्त है. मि. रानाडे वीणा के क्रियाकलापों से उत्तेजित तो होते हैं परन्तु अपनी भावनाओं पे नियंत्रण रखते हैं. लेकिन एक शाम दबी हुयी इच्छाएं जागृत हो ही जाति हैं जब वीणा अपने प्रमोशन के लिए कुछ ज्यादा ही परिश्रम करती है.

वीणा को अपने सहकर्मी मनीष के साथ मि. रानाडे के पर्यवेक्षण में एक नया प्रोजेक्ट सौंपा जाता है. मनीष वीणा से अपना प्रेम प्रदर्शित करने का प्रयत्न करता है लेकिन वीणा मि. रानाडे को प्रभावित करने में व्यस्त है. मि. रानाडे वीणा के क्रियाकलापों से उत्तेजित तो होते हैं परन्तु अपनी भावनाओं पे नियंत्रण रखते हैं. लेकिन एक शाम दबी हुयी इच्छाएं जागृत हो ही जाति हैं जब वीणा अपने प्रमोशन के लिए कुछ ज्यादा ही परिश्रम करती है.