बेकाबू

किराने की दुकान के लिए जाते हुए वेलम्मा का सामना एक अपरिचित से होता है और अचानक से वेलम्मा की हरकतें अजीब सी होने लगती हैं. अपनी इच्छाओं के विपरीत वो अपने अन्दर कामुकता महसूस करने लगती है और सार्वजनिक स्थान पे ही कुछ कामुक कृत्यों को अंजाम देती है. अंत में वही अजनबी उसके घर पे दस्तक देता है और उसके बेक़ाबू  व्यवहार के पीछे के रहस्यों को उजागर करता है.

किराने की दुकान के लिए जाते हुए वेलम्मा का सामना एक अपरिचित से होता है और अचानक से वेलम्मा की हरकतें अजीब सी होने लगती हैं. अपनी इच्छाओं के विपरीत वो अपने अन्दर कामुकता महसूस करने लगती है और सार्वजनिक स्थान पे ही कुछ कामुक कृत्यों को अंजाम देती है. अंत में वही अजनबी उसके घर पे दस्तक देता है और उसके बेक़ाबू  व्यवहार के पीछे के रहस्यों को उजागर करता है.